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Sunday, January 23, 2011

बहुत दिनों में आज उसका हैं पयाम आया
गुजर गये जब उसके लब पे मेरा नाम आया

निकलते कैसे अयान उसकी मीठी यादों से
दुखाने दिल को वो हर सुबह हर शाम आया

ना दे सका था कल मुकद्दर जो मेरा मुझको
आज क्यूँ देने वो दुनिया का हैं निजाम आया

नाम लिख लेना शमा उसका दिलजलों में तू
आज मरने तेरे दर पे हैं "अयान" आया.................Dr.Rohit "AYAAN"

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